क्या 2 अगस्त 2025 या 2027 को सूर्य ग्रहण होगा? जानिए सच, भारत में कहां और कितना दिखेगा सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण

क्या 2 अगस्त 2025 या 2027 को सूर्य ग्रहण होगा? जानिए सच, भारत में कहां और कितना दिखेगा सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण

Surya Grahan 2027 : हर साल सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे वायरल होते हैं-कभी धरती पर अंधेरा छा जाने की बातें होती हैं, तो कभी यह कहा जाता है कि ग्रहण के वक्त घर से बाहर निकलना खतरनाक है. इसी तरह एक दावा यह भी सामने आया कि 2 अगस्त, 2025 को पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. लेकिन सच्चाई कुछ और है. अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि 2 अगस्त को सच में कोई सूर्य ग्रहण होगा या नहीं, और भारत में यह कितना दिखाई देगा, तो यह आर्टिकल आपके लिए है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

2 अगस्त, 2025: कोई सूर्य ग्रहण नहीं
कई ऑनलाइन पोस्ट और वीडियो में यह कहा गया कि 2 अगस्त, 2025 को सूर्य पूरी तरह ढक जाएगा और कुछ मिनटों के लिए अंधेरा छा जाएगा. लेकिन यह जानकारी सही नहीं है. 2 अगस्त, 2025 को कोई सूर्य ग्रहण नहीं होने वाला.

2 अगस्त, 2027: सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण
अब आते हैं असली खबर पर. 2 अगस्त, 2027 को एक बड़ा और खास सूर्य ग्रहण होगा. इसे वैज्ञानिक “सदी का सबसे लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण” कह रहे हैं, क्योंकि इसकी कुल अवधि कुछ जगहों पर 6 मिनट 23 सेकंड तक होगी. यह 1991 के बाद का सबसे लंबा ग्रहण होगा, और 2114 तक ऐसा ग्रहण फिर नहीं दिखाई देगा.

हालांकि यह पूर्ण रूप से भारत में नहीं दिखेगा, फिर भी दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों में दोपहर के समय आंशिक सूर्य ग्रहण जरूर दिखाई देगा. अगर उस दिन आसमान साफ रहा, तो लोग चंद्रमा को धीरे-धीरे सूरज को ढकते हुए देख सकेंगे.

कहां दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?
इस अद्भुत खगोलीय घटना का सबसे बेहतरीन नज़ारा मिस्र, स्पेन, सऊदी अरब, ट्यूनिशिया और यमन जैसे देशों से देखने को मिलेगा. मिस्र के लक्सर शहर में तो यह ग्रहण सबसे लंबा रहेगा.

यह इसलिए हो रहा है क्योंकि:
-उस दिन चंद्रमा पृथ्वी के सबसे पास होगा, इसलिए वह बड़ा दिखाई देगा.
-साथ ही पृथ्वी सूरज से थोड़ी दूरी पर होगी, जिससे सूरज छोटा लगेगा.
-ग्रहण भूमध्यरेखा के आसपास से गुजरेगा, जहाँ चंद्रमा की परछाई ज़मीन पर धीमे चलती है.

भारत में कैसे और कब देखें?
भारत में यह ग्रहण दोपहर 3:30 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक रह सकता है, लेकिन यह आंशिक ही होगा. इसलिए सूर्य को नंगी आंखों से देखने की कोशिश बिल्कुल न करें. स्पेशल सोलर ग्लासेस या फिल्टर लगे उपकरणों का ही इस्तेमाल करें.

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