क्या आप जानते हैं गणेशजी के पुत्र-पुत्रियों के साथ उनके पोतों के नाम, एक नाम तो चौंका देगा

क्या आप जानते हैं गणेशजी के पुत्र-पुत्रियों के साथ उनके पोतों के नाम, एक नाम तो चौंका देगा

Ganesh ji ke Putra aur Putri: देवों के देव महादेव और जगत जननी माता पार्वती के पुत्र गणेशजी को प्रथम पूज्य का दर्जा प्राप्त है. साथ ही गणेशजी विघ्नहर्ता भी हैं, उनका नाम लेने मात्र से सभी अड़चन और परेशानी दूर हो जाती हैं और सब मंगलमय रहता है. विघ्नहर्ता भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और शुभारंभ का देवता भी माना जाता है. ज्योतिष और पौराणिक ग्रंथों में उनके परिवार का भी विशेष महत्व बताया गया है. खासकर उनके पुत्रों और पुत्रियों के नाम, स्वरूप और उनसे जुड़ी मान्यताएं आज भी लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई हैं. क्या आप जानते हैं गणेशजी के पुत्र-पुत्रियों के साथ उनके पोतों के नाम…

गणेशजी का पूरा परिवार
भगवान गणेश के माता के नाम मां पार्वती, पिता भगवान शिव, भाई कार्तिकेय और बहन अशोक सुंदरी हैं. साथ ही गणेशजी दो पत्नियां हैं, रिद्धि और सिद्धि. रिद्धि से गणेशजी को क्षेम नाम का पुत्र और सिद्धि से लाभ नाम का पुत्र हुआ. क्षेम का अर्थ है, सुरक्षा, कल्याण, कुशल, सुख-शांति. वहीं लाभ का अर्थ है लाभ होना. इसलिए क्षेम को शुभ कहा जाने लगा और लाभ को लाभ. शुभ की शादी तुष्टि से हुई और लाभ की शादी पुष्टि से. शुभ और तुष्टि को एक पुत्र हुआ, वह है आनंद. लाभ और पुष्टि को भी एक पुत्र हुआ प्रमोद. आनंद और प्रमोद गणेशजी के दो पोते के नाम से प्रसिद्ध हुए.

गणेशजी के पुत्र के बारे में
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान गणेश के दो प्रमुख पुत्र माने जाते हैं, शुभ और लाभ. इन दोनों का नाम ही अपने आप में उनके महत्व को दर्शाता है. शुभ का अर्थ है मंगलकारी या अच्छा, जबकि लाभ का अर्थ है प्राप्ति या फायदा. ज्योतिष में भी इन दोनों को जीवन में सफलता, व्यापार में उन्नति और परिवार में सुख-शांति के प्रतीक के रूप में देखा जाता है. मान्यता है कि दीपावली के समय व्यापारी वर्ग शुभ-लाभ लिखकर नए बही-खाते की शुरुआत करते हैं, जिससे वर्षभर व्यापार में वृद्धि बनी रहे. ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि जिन लोगों की कुंडली में बुध और गुरु मजबूत होते हैं, उन्हें गणेशजी के पुत्रों का विशेष आशीर्वाद मिलता है, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.

गणेशजी की पुत्री
जहां तक गणेशजी की पुत्रियों का सवाल है, तो पौराणिक ग्रंथों में इसका उल्लेख बहुत सीमित मिलता है. कुछ लोक मान्यताओं और क्षेत्रीय कथाओं में उनकी पुत्री के रूप में संतोषी माता का नाम लिया जाता है. कहा जाता है कि संतोषी माता संतोष, धैर्य और संतुलन की देवी हैं, जिनकी पूजा से जीवन में मानसिक शांति और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है. लेकिन शास्त्रों व पुराणों में गणेशजी की पुत्री के बारे में कुछ नहीं है. कुछ लोग संतोषी को गणेशजी की पुत्र के तौर पर बताते हैं लेकिन यह केवल क्षेत्रिय मान्यता है, वास्तव में गणेशजी की कोई पुत्री नहीं थी.

गणेशजी का परिवार
गणेशजी की पत्नी – रिद्धि और सिद्धि
गणेशजी के पुत्र – रिद्धि से शुभ और सिद्धि से लाभ
गणेशजी के पुत्रों का विवाह – शुभ का विवाह तुष्टि और लाभ का विवाह पुष्टि
गणेशजी की पुत्रवधू – तुष्टि और पुष्टि
गणेशजी के 2 पोते – आनंद और प्रमोद

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