कौन हैं मरघट वाले बाबा, जिनका आशीर्वाद लेकर रेखा गुप्ता ने ली CM पद की शपथ, यमुना मैया भी करती हैं इनके दर्शन

कौन हैं मरघट वाले बाबा, जिनका आशीर्वाद लेकर रेखा गुप्ता ने ली CM पद की शपथ, यमुना मैया भी करती हैं इनके दर्शन

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Marghat Wale Baba: रेखा गुप्ता के रूप में दिल्ली को चौथी महिला मुख्यमंत्री मिल गई हैं. मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण करने से पहले रेखा गुप्ता दिल्ली के मरघट वाले हनुमान मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने अपने परिवार के…और पढ़ें

मरघट वाले बाबा हनुमान मंदिर

हाइलाइट्स

  • रेखा गुप्ता बनीं दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री.
  • रेखा गुप्ता ने मरघट वाले हनुमान मंदिर में आशीर्वाद लिया.
  • मरघट वाले हनुमान मंदिर दिल्ली का प्रसिद्ध मंदिर है.

Marghat Wale Baba: दिल्ली की राजनीति ने एक नया मोड़ लिया है. शालीमार बाग से विधायक रेखा गुप्ता दिल्ली की नई मुख्यमंत्री के तौर पर आज शपथ ली. वे दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री हैं और उनसे पहले सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित और आतिशी सीएम रह चुकी हैं. शपथ ग्रहण करने से पहले रेखा गुप्ता अपने परिवार के साथ मरघट वाले हनुमान मंदिर पहुंचीं. यह उनकी हनुमान जी के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है और उन्होंने पहले भी कई महत्वपूर्ण अवसरों पर इस मंदिर में दर्शन किए हैं.

शालीमार बाग की पहली विधायक
रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग सीट से पहली बार विधायक बनकर इतिहास रचा है. उन्होंने ‘आप’ की बंदना कुमारी को 29,595 मतों के अंतर से हराया, जो उनकी लोकप्रियता का प्रतीक है. उनकी जीत और सीएम पद की शपथ के साथ उनकी हनुमान जी की प्रति आस्था भी लोगों का काफी ध्यान खींच रही है. तो चलिए जानते हैं कौन हैं मरघट वाले बाबा जिसके दर्शन के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पहुंची रेखा गुप्ता.

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मरघट वाले हनुमान मंदिर का रहस्य
मरघट वाला हनुमान मंदिर दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है और इसकी अपनी एक खास बात है. इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति जमीन के अंदर लगभग 7-8 फुट नीचे है और यह मान्यता है कि यहां हनुमान जी साक्षात प्रकट हुए थे. इस मंदिर का नाम ‘मरघट वाला’ इसलिए पड़ा क्योंकि यह श्मशान घाट के पास स्थित है. यहां आने वाले भक्त अपनी समस्याओं और चिंताओं को हनुमान जी के सामने रखते हैं और उनकी कृपा से उन्हें शांति और समाधान मिलता है.

मरघट वाले हनुमान: जहां आत्माएं पाती हैं मुक्ति का मार्ग
पुरानी दिल्ली के यमुना बाजार के एक कोने में मरघट वाले हनुमान का एक अद्भुत मंदिर स्थित है. यह मंदिर न केवल अपनी ऐतिहासिकता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसके पीछे की रहस्यमयी कहानी भी इसे खास बनाती है.

रामायण काल से जुड़ा है नाता
कहा जाता है कि जब हनुमान जी संजीवनी बूटी लेकर जा रहे थे तो उन्होंने इसी स्थान पर यमुना नदी को बहते हुए देखा. यहां विश्राम करने का विचार करके वे नीचे उतरे लेकिन उन्होंने पाया कि यह तो एक श्मशान घाट है. उनके आगमन से बुरी आत्माओं में हाहाकार मच गया और हनुमान जी ने उन सभी को मुक्ति प्रदान की.

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यमुना जी भी आती हैं दर्शन करने
इस मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति जमीन के अंदर 7-8 फीट नीचे स्थापित है. पहले यह मंदिर यमुना नदी के किनारे स्थित था लेकिन समय के साथ नदी का पानी कम होता गया. हालांकि हर साल यमुना नदी का जल स्तर बढ़कर मंदिर तक आता है. यहां के साधुओं का मानना है कि जब यमुना जी का मन होता है तो वे विशाल रूप धारण करके इस मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करने आती हैं.

आज भी जारी है मुक्ति का मार्ग
मंदिर के सामने आज भी श्मशान घाट है और यहां आने वाली हर आत्मा को हनुमान जी मुक्ति का मार्ग दिखाते हैं। मंगलवार और शनिवार के दिन यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. हनुमान जयंती के अवसर पर इस मंदिर में विशेष उत्सव मनाया जाता है. मरघट वाले हनुमान मंदिर एक ऐसा स्थान है जहां इतिहास, रहस्य और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है.

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कौन हैं मरघट वाले बाबा, जिनका आशीर्वाद लेने पहुंचीं CM रेखा गुप्ता

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