कुंडली में है कालसर्प दोष या घर में पितृ दोष, इस एक मंत्र से सब हो जाएगा दूर, कोई बाल भी बांका नहीं करेगा

कुंडली में है कालसर्प दोष या घर में पितृ दोष, इस एक मंत्र से सब हो जाएगा दूर, कोई बाल भी बांका नहीं करेगा

इस साल पौष अमावस्या 30 दिसंबर सोमवार के दिन है. सोमवार की वजह से यह सोमवती अमावस्या भी है. पंचांग के अनुसार, पौष अमावस्या की तिथि 30 दिसंबर को 04:01 एएम से शुरू होगी और य​ह 31 दिसंबर को 03:56 एएम पर खत्म होगी. उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, पौष अमावस्या 30 दिसंबर को मनाई जाएगी. इस दिन आप पितृ दोष और कालसर्प दोष शांति के उपाय कर सकते हैं. आपकी कुंडली में राहु और केतु के कारण कालसर्प दोष है या फिर घर में पितृ दोष, इन सबको दूर करने के लिए पौष अमावस्या का दिन बहुत अच्छा है. वृंदावन के प्रेमानंद जी महाराज ने कालसर्प दोष और पितृ दोष को दूर करने के लिए सबसे आसान मंत्र बताया है, जिसका जाप करने मात्र से ही ये सभी नकारात्मकता दूर हो जाएगी. आइए जानते हैं इसके बारे में.

कैसे दूर करें पितृ दोष और कालसर्प दोष?
एक व्यक्ति ने प्रेमानंद जी महाराज से पूछा कि महाराज, यदि घर में पितृ दोष है या कालसर्प दोष है तो उससे बचने के लिए क्या उपाय कर सकते हैं. इस पर प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि कोई भी दोष शुक्र, शनि, राहु, केतु कुछ किसी की कोई ताकत नहीं है कि भगवान के नाम का जप करने वाले का बाल भी बांका कर सके.

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उन्होंने कहा कि ये सब सरकारी आदमी हैं, ये सब सरकारी आदमी आकर विघ्न डालते रहते हैं क्योंकि ये सब सरकार की संपत्ति है. ये तुम्हारा मन, ये तुम्हारा जीवन सबकुछ भगवान का है और तुम भगवान का भजन न करके तुम मनमानी आचरण करोगे तो ये ग्रह-नक्षत्र सब तुम को परेशान करेंगे.

प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति भगवान के चरणों से विमुख है, वे कुछ भी कर ले, वो कभी शांति को प्राप्त नहीं होगा और जो भगवान का भजन करता है, तो कोई कुछ भी कर ले, उसका कभी कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता है. अच्छे आचरण करो, किसी को दुख न दो, नाम जप करो, पूर्व का किया गया पाप आएगा, ​हमें दुख देगा, पर हम परास्त नहीं होंगे.

उन्होंने बताया कि जो भगवान का आश्रय लिया हुआ है, नाप जप कर रहा है घर में, 10 मिनट भगवान के नाम का कीर्तन करो, इसके बाद भी कोई दोष घर में रह जाए तो मुझे बताओ.

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क्या है नाम जप?
प्रेमानंद जी महाराज अपने पास आने वाले सभी लोगों से नाम जप करने को कहते हैं. वे राधारानी के परम भक्त है, इस​लिए वे सभी लोगों को श्रीजी यानी राधा जी के नाम का जप करने को कहते हैं. राधा जी के नाम का जप करने से हर दुख दूर होगा और परम सुख की प्राप्ति होगी. हालां​कि जो लोग दीक्षा ले चुके हैं या अपने गुरु से मंत्र लिए हैं, उनको उस मंत्र का जप करना चाहिए. यदि आपने गुरु मंत्र नहीं लिया है तो अपने इष्ट देव के नाम का जप कर सकते हैं.

Tags: Dharma Aastha, Premanand Maharaj, Religion

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