कुंडली के 5 संकेत बताएंगे आपका ससुराल धनी और जीवनसाथी सुंदर होगा या नहीं, राहु की है महत्व

कुंडली के 5 संकेत बताएंगे आपका ससुराल धनी और जीवनसाथी सुंदर होगा या नहीं, राहु की है महत्व

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कुंडली के 5 संकेत बताएंगे आपका ससुराल धनी और जीवनसाथी सुंदर होगा या नहीं

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शादी किस घराने में होगी, यह जानने की उत्सुकता हर किसी के मन में रहती है. ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में मौजूद कुछ खास योग और भाव जीवनसाथी की आर्थिक स्थिति और पारिवारिक हैसियत के बारे में संकेत देते हैं. इन संकेत के आधार पर आप जान सकते हैं कि आपका ससुराल कैसा रहने वाला है और भावी जीवनसाथी के पास कितनी संपत्ति होगी. आइए जानते हैं कुंडली के इन 5 संकेतों के बारे में…

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बहुत से लोगों में यह चाह होती है कि उसकी शादी किसी अमीर घराने में हो और जीवनसाथी बहुत सुंदर हो, ताकी पूरा जीवन मजे से कट सके. ज्यादातर लोगों की यह इच्छा पूरी हो जाती है लेकिन कुछ लोगों के भाग्य में दूसरी चीजें लिखी होती हैं. इसमें सबसे ज्यादा भूमिका होती है कि कुंडली की. कुंडली से आप अपने भविष्य और समस्याओं के समाधान के बारे में जान सकते हैं. माना जाता है कि कुंडली के 5 प्रमुख संकेत ऐसे होते हैं, जो यह इशारा कर सकते हैं कि आपकी शादी अमीर घराने में हो सकती है या नहीं. इन ज्योतिषीय संकेतों के आधार पर कई बार व्यक्ति का वैवाहिक जीवन, सुख-सुविधाएं और सामाजिक प्रतिष्ठा तक का अनुमान लगाया जाता है.

कुंडली का 7वां, 8वां और 11वां भाव
आपकी शादी अमीर घराने में होगी या नहीं इसके लिए आपको कुंडली के तीन भाव का जानना बहुत जरूरी है. कुंडली के इन तीन भाव के साथ गुरु और शुक्र ग्रह की स्थिति भी देखी जाती है कि वह शुभ स्थिति में हैं या नहीं. जैसे कुंडली का 7वां भाव (जीवनसाथी), 8वां भाव (साथी की संपत्ति और धन) और 11वां भाव (आय और लाभ) का होता है.

ग्रहों और भावों के खास संयोग

  1. कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है. शुक्र प्रेम, भौतिक सुख-सुविधा, ऐश्वर्य, दांपत्य जीवन के कारक ग्रह माने जाते हैं. अगर शुक्र वृषभ या तुला राशि में मजबूत हों (जो इनकी अपनी राशियां हैं) या मीन राशि में उच्च के हो तो व्यक्ति को खुशहाली, धन और आर्थिक रूप से मजबूत जीवनसाथी मिलने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे योग वाले लोग अक्सर उच्च मूल्य वाले रिश्तों की ओर आकर्षित होते हैं.
  2. कुंडली का 7वां और 11वां भाव भी बहुत मायने रखते हैं. ज्योतिषियों के अनुसार, जब विवाह का भाव (7वां) लाभ के भाव (11वां) से जुड़ता है, तो इसका मतलब है कि शादी के बाद जीवनसाथी से धन, संपर्क और नए अवसर मिल सकते हैं.
  3. कुंडली में गुरु (बृहस्पति) की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि यह वृद्धि और समृद्धि के कारक ग्रह हैं. अगर यह 7वें भाव में या उसके पास स्थित हों तो यह शुभ संकेत माना जाता है. आमतौर पर इसका मतलब है कि जीवनसाथी शादी में धन, स्थिरता और समझदारी लेकर आएगा.
  4. कुंडली का आठवां भाव भी ध्यान देने योग्य है. यह साझा धन, विरासत में मिलने वाले पैसे और जीवनसाथी की संपत्ति के कारक हैं. अगर कुंडली में 8वां भाव मजबूत हो या उस पर किसी शुभ ग्रह का प्रभाव हो तो शादी के बाद धन लाभ या पहले से ही अमीर जीवनसाथी मिलने की संभावना रहती है.
  5. कुंडली में राहु का 7वें या 11वें भाव में होना भी अचानक धन लाभ, विदेशियों से संबंध या प्रसिद्ध और अमीर जीवनसाथी मिलने जैसे अनोखे फायदे दिला सकता है.

समग्र दृष्टिकोण है जरूरी
ज्योतिषी कहते हैं कि इन योगों को अकेले देखकर कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए. पूरी कुंडली का विश्लेषण जरूरी है. इसमें नवांश (D9) चार्ट, शुक्र की ताकत, 7वें भाव के स्वामी की स्थिति और ग्रहों के आपसी संबंध भी देखे जाते हैं. भविष्यवाणी के लिए ज्योतिष को सिर्फ एक मार्गदर्शक के रूप में ही देखना चाहिए. आपकी किस्मत आपके फैसलों और हालातों पर भी निर्भर करती है.

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Parag Sharma

पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें



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