कुंडली के इस योग के कारण होता है उम्र से बड़ी महिला से विवाह, ये योग प्रेमिका को ही बनाता है पत्नी, जानें कुंडली के भाव

कुंडली के इस योग के कारण होता है उम्र से बड़ी महिला से विवाह, ये योग प्रेमिका को ही बनाता है पत्नी, जानें कुंडली के भाव

हाइलाइट्स

जन्म कुंडली हमारे जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को दर्शाती है. कुंडली में ऐसे योग बनते हैं जो उम्र से बड़ी महिला से विवाह कराते हैं.

Kundali Yogas : हमारी जन्म कुंडली हमारे जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को दर्शाती है. कुंडली में ग्रहों की स्थिति, राशि और उनके बीच के रिश्ते हमारे व्यक्तित्व, भविष्य और जीवन की घटनाओं को प्रभावित करते हैं. बहुत से लोग यह मानते हैं कि कुंडली में कुछ विशेष योग होते हैं जिनकी वजह से व्यक्ति का जीवन एक खास दिशा में बढ़ता है. उनमें से एक है वह योग जिसके कारण किसी पुरुष की शादी उम्र से बड़ी महिला से हो सकती है. तीर्थ नगरी सोरों के शूकर क्षेत्र फाउंडेशन के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य और वास्तु विशेषज्ञ डॉ गौरव कुमार दीक्षित से जानते हैं कुंडली के इन खास योगों के बारे में.

कुंडली में उम्र से बड़ी महिला से शादी का योग
कुंडली में कुछ खास ग्रहों की स्थिति और रिश्ते होते हैं जो जीवन में विवाह संबंधी घटनाओं को प्रभावित करते हैं. जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में विशेष योग बनता है, तो वह उस व्यक्ति की शादी के बारे में संकेत देता है. उम्र से बड़ी महिला से शादी का योग तब बनता है जब कुंडली में कुछ ग्रहों का विशिष्ट संबंध बनता है.

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शनि और शुक्र का संबंध
शनि को अक्सर जीवन में अनुशासन और जिम्मेदारी का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र प्रेम, विवाह और आकर्षण का ग्रह होता है. जब इन दोनों ग्रहों का आपस में कोई महत्वपूर्ण योग बनता है, तो व्यक्ति को जीवन साथी के रूप में उम्र में बड़ी महिला का साथ मिल सकता है. ऐसा योग तब बनता है जब शनि की स्थिति कुंडली के किसी ऐसे स्थान पर हो, जो शुक्र के साथ मेल खाता हो.

गुरु और शुक्र का योग
जब गुरु और शुक्र की स्थिति कुंडली में एक साथ होती है, तो यह संकेत करता है कि व्यक्ति का जीवनसाथी उम्र में बड़ा हो सकता है. गुरु को ज्ञान और अनुभव का ग्रह माना जाता है, और शुक्र से संबंधित संबंध व्यक्ति को प्रेम, आकर्षण और समर्पण की ओर प्रवृत्त करते हैं. इस तरह के योग व्यक्ति के जीवन में शारीरिक और मानसिक परिपक्वता की ओर इशारा करते हैं.

चंद्रमा और राहू के दृषटिकोण
चंद्रमा हमारी मानसिक स्थिति और भावनाओं को नियंत्रित करता है, जबकि राहू अस्थिरता और भ्रम का प्रतीक है. जब इन दोनों का कुंडली में कोई खास योग बनता है, तो व्यक्ति का विवाह असामान्य परिस्थिति में हो सकता है, जैसे कि उम्र में बड़ा जीवन साथी मिलना.

बृहस्पति और शुक्र
सप्तम भाव के स्वामी के साथ अगर बृहस्पति और शुक्र एक साथ हो तो उम्र से बड़ा जीवनसाथी मिलने के चांस ज्यादा होते हैं. इसके अलावा पांचवां भाव और जुड़ जाए तो प्रेमिका भी उम्र से बड़ी होती है और वही पत्नी भी बनती है.

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कैसे पहचानें यह योग?
कुंडली में इन ग्रहों का योग और उनकी स्थिति का विश्लेषण करना बहुत ही कठिन होता है. इसके लिए किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से सलाह लेना बेहतर होता है. ज्योतिषी कुंडली का गहन अध्ययन करके यह बता सकते हैं कि इस तरह का योग बनता है या नहीं.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Religion

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