किचन की किस दिशा में रखें कौन सा सामान, यहां जानिए वरना बढ़ जाएगी आपकी परेशानी
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ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने बताया कि वास्तु के अनुसार किचन के लिए सबसे शुभ दिशा दक्षिण-पूर्व यानी अग्नि कोण मानी जाती है. इस दिशा में गैस चूल्हा या खाना पकाने का स्थान होना चाहिए. अगर किचन उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में है, तो यह मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है.
वास्तु शास्त्र में किचन को घर की ऊर्जा का मुख्य केंद्र माना जाता है. यहां बना भोजन सीधे परिवार के स्वास्थ्य, मन और समृद्धि को प्रभावित करता है. अगर किचन में दिशा या सामान रखने में छोटी सी भी गलती हो जाए, तो इसका असर आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य समस्याओं और आपसी तनाव के रूप में दिख सकता है. इसलिए किचन की सही दिशा और उसमें रखे जाने वाले सामान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. डिजिटल दौर में लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर परेशानी बढ़ा सकता है.

ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने बताया कि वास्तु के अनुसार किचन के लिए सबसे शुभ दिशा दक्षिण-पूर्व यानी अग्नि कोण मानी जाती है. इस दिशा में गैस चूल्हा या खाना पकाने का स्थान होना चाहिए. अगर किचन उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में है, तो यह मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है. वहीं दक्षिण-पश्चिम दिशा में किचन होने से खर्च बढ़ते हैं और घर में अशांति रहती है. सही दिशा में किचन होने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

किचन में गैस चूल्हा कभी भी उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए. ऐसा करने से आर्थिक परेशानियां और पारिवारिक कलह बढ़ सकती है. चूल्हा जल तत्व का प्रतीक है और इसका स्थान अग्नि कोण में ही शुभ माना जाता है. अगर मजबूरी में दिशा गलत है, तो खाना बनाते समय व्यक्ति का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए. इससे नकारात्मक प्रभाव कुछ हद तक कम हो सकता है.
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किचन में सिंक या पानी से जुड़ा सामान कभी भी गैस चूल्हे के पास नहीं होना चाहिए. पानी और अग्नि तत्व का टकराव घर में तनाव और बीमारियों को जन्म देता है. सिंक के लिए उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा सबसे बेहतर मानी जाती है. अगर सिंक दक्षिण-पूर्व में है, तो यह आर्थिक नुकसान और मानसिक अशांति का कारण बन सकता है. पानी की टंकी या आरओ भी सही दिशा में लगाना जरूरी है.

फ्रिज, अलमारी या भारी इलेक्ट्रॉनिक सामान को दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है. फ्रिज को उत्तर-पूर्व दिशा में रखने से घर की सकारात्मक ऊर्जा कमजोर हो सकती है. साथ ही यह निर्णय लेने की क्षमता पर भी असर डालता है. किचन में बेवजह भारी सामान रखने से ऊर्जा का प्रवाह रुकता है. इसलिए सिर्फ जरूरी चीजें ही किचन में रखें और सही दिशा का ध्यान रखें.

किचन में टूटे हुए बर्तन, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थ नहीं रखने चाहिए. यह नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं और घर में दरिद्रता लाते हैं. गंदा और अव्यवस्थित किचन स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है. रोजाना किचन की सफाई और सही तरीके से सामान जमाकर रखने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. साफ किचन घर की खुशहाली का प्रतीक माना जाता है.

किचन में पूजा स्थान रखने की भूल
कई लोग जगह की कमी के कारण किचन में ही पूजा स्थान बना लेते हैं, जो वास्तु के अनुसार सही नहीं माना जाता. किचन में लगातार अग्नि और तामसिक ऊर्जा रहती है, जो पूजा के लिए उपयुक्त नहीं है. अगर मजबूरी में किचन में मंदिर है, तो उसे उत्तर-पूर्व कोने में रखें और चूल्हे से दूर रखें. इससे नकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है और मानसिक शांति बनी रहती है.


