कब है अक्टूबर की पहली एकादशी? जानें विष्णु पूजा मुहूर्त, पारण समय और महत्व

कब है अक्टूबर की पहली एकादशी? जानें विष्णु पूजा मुहूर्त, पारण समय और महत्व

अक्टूबर की पहली एकादशी अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को है. अश्विन शुक्ल एकादशी को पापांकुशा एकादशी के नाम से जानते हैं. पापांकुशा एकादशी का व्रत दशहरा के अगले दिन होता है. इस बार पापांकुशा एकादशी के दिन रवि योग बन रहा है. जो व्यक्ति पापांकुशा एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा विधि विधान से करता है, उसके पाप मिट जाते हैं और मृत्यु के बाद स्वर्ग की प्राप्ति होती है. विष्णु कृपा से धन, धान्य, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं कि अक्टूबर की पहली एकादशी यानी पापांकुशा एकादशी कब है? पूजा का मुहूर्त, पारण समय और महत्व क्या है?

पापांकुशा एकादशी 2024 तारीख
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 13 अक्टूबर रविवार को सुबह 9 बजकर 8 मिनट से शुरू होगी. इस तिथि का समापन 14 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 41 मिनट पर होगा. ऐसे में पापांकुशा एकादशी का व्रत 13 अक्टूबर को रखा जाएगा.

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पापांकुशा एकादशी 2024 मुहूर्त
13 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:41 ए एम से 05:31 ए एम तक है. उस समय में स्नान आदि से निवृत होकर आप पापांकुशा एकादशी की पूजा कर सकते हैं क्यों​कि उसके बाद से रवि योग बन रहा है. पापांकुशा एकादशी के दिन का शुभ मुहूर्त या​नी अभिजीत मुहूर्त 11:44 ए एम से 12:30 पी एम तक है.

पापांकुशा एकादशी 2024 रवि योग
इस बार की पापांकुशा एकादशी रवि योग में है. उस दिन रवि योग सुबह 6 बजकर 21 मिनट से बन रहा है और यह 14 अक्टूबर को 2 बजकर 51 एएम तक रहेगा. रवि योग में सभी प्रकार के दोष नष्ट हो जाते हैं. इसमें सूर्य देव का प्रभाव अधिक होता है.

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पापांकुशा एकादशी 2024 पारण समय
जो लोग पापांकुशा एकादशी का व्रत 13 अक्टूबर को रखेंगे, वे अगले दिन 14 अक्टूबर सोमवार को पारण करेंगे. उस दिन पारण का समय दोपहर में 1 बजकर 16 मिनट से 3 बजकर 34 मिनट तक है. उस दिन हरि वासर का समापन दिन में 11 बजकर 56 मिनट पर होगा. आप हरि वासर के समापन के बाद भी पारण कर सकते हैं.

पापांकुशा एकादशी का महत्व
पापांकुशा एकादशी के दिन भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप की पूजा की जाती है. इस व्रत को करने से शुभ मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मृत्यु के बाद स्वर्ग की प्राप्ति होती है.

Tags: Dharma Aastha, Lord vishnu, Papankusha ekadashi, Religion

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