इस पवित्र गुफा में परिवार साथ मौजूद हैं महादेव, अमरनाथ गुफा तक जाता है रहस्यमयी गुफा का दू

इस पवित्र गुफा में परिवार साथ मौजूद हैं महादेव, अमरनाथ गुफा तक जाता है रहस्यमयी गुफा का दू

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इस पवित्र गुफा में परिवार साथ मौजूद महादेव, अमरनाथ गुफा तक जाता है दूसरा छोर

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जम्मू-कश्मीर स्थित शिवखोड़ी की पवित्र गुफा का धार्मिक महत्व एक बार फिर सुर्खियों में है. यह गुफा भगवान शिव के प्राचीन धामों में से एक मानी जाती है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. स्थानीय धार्मिक परंपराओं के अनुसार, शिवखोड़ी गुफा में स्थित प्राकृतिक शिवलिंग को स्वयंभू रूप में पूजनीय माना जाता है. श्रावण मास, महाशिवरात्रि और अन्य शिव पर्वों पर यहां विशेष भीड़ देखी जाती है. आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में खास बातें…

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जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित शिवखोड़ी एक ऐसी पवित्र गुफा है, जिसे देखने और अनुभव करने के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं. यह गुफा संगर गांव में है और भगवान शिव को समर्पित है. यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है इसका स्वयंभू शिवलिंग, जिसे देखकर हर भक्त की श्रद्धा और बढ़ जाती है. गुफा के भीतर का वातावरण धार्मिक आस्था के साथ-साथ रहस्यमयी अनुभूति भी कराता है. संकीर्ण रास्तों और प्राकृतिक चट्टानी संरचनाओं के बीच से गुजरते हुए श्रद्धालु मुख्य गर्भगृह तक पहुंचते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां दर्शन करने मात्र से भक्तों की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं और हर कष्ट से मुक्ति मिलती है. आइए जानते हैं रियासी जिले में स्थित शिवखोड़ी गुफा के बारे में…

शिव परिवार के प्राकृतिक चिन्ह मौजूद
गुफा प्राकृतिक रूप से बनी है और इसे देखकर ऐसा लगता है कि यह भगवान की बनाई हुई कोई सुरंग हो. गुफा लगभग 200 मीटर लंबी है और इसमें स्वयंभू शिवलिंग, माता पार्वती, गणेश और कार्तिकेय के प्राकृतिक चिन्ह मौजूद हैं. इसके अलावा, यहां नंदी की मूर्ति, पार्वती की मूर्ति और गुफा की छत पर सांप की आकृति जैसी प्राकृतिक संरचनाएं भी हैं, जो अपने आप बनी हैं. यही कारण है कि इसे देखकर हर श्रद्धालु चकित रह जाता है.

गुफा को कहा जाता है देवताओं का घर
महाशिवरात्रि के समय शिव खोड़ी में विशेष मेला लगता है. इस समय पूरे इलाके में भक्तों की भीड़ उमड़ती है और हर कोई भगवान शिव के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आता है. कहा जाता है कि गुफा और इसके आसपास के क्षेत्र में 33 कोटि देवी-देवताओं का निवास है, इसलिए इसे देवताओं का घर भी कहा जाता है.

यहां आकर विराजमान हो गए थे भगवान शिव
शिव खोड़ी केवल एक गुफा नहीं, बल्कि आस्था और रहस्य का संगम है. मान्यता है कि भगवान शिव ने भस्मासुर से बचने के लिए इस गुफा में खुद को छिपाया था. पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव ने भस्मासुर को वरदान दिया था कि वो जिसके भी सिर पर हाथ रखेगा, वह भस्म हो जाएगा. भस्मासुर ने इस वर को भगवान शिव पर ही आजमाने की कोशिश की. ऐसे में भगवान शिव इसी गुफा में आकर विराजमान हो गए थे. इसी दौरान भगवान विष्णु सुंदर रूप धारण करके आए और भस्मासुर को अपने ही वर से भस्म कर दिया.

यहीं से अमरनाथ जाते थे साधु-संत
गुफा का एक और रहस्य यह भी है कि कहा जाता है इसका दूसरा छोर अमरनाथ गुफा तक जाता है. इस रहस्य ने शिव खोड़ी को और भी आकर्षक और रहस्यमय बना दिया है. हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन स्थानीय मान्यताओं के अनुसार पहले साधु-संत इसी रास्ते से अमरनाथ जाया करते थे.

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Parag Sharma

पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें



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