असीरगढ़ किले का महादेव मंदिर, रात में बंद रहते हैं दरवाजे, तो फिर कौन कर जाता है पूजा?

असीरगढ़ किले का महादेव मंदिर, रात में बंद रहते हैं दरवाजे, तो फिर कौन कर जाता है पूजा?

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असीरगढ़ किले का महादेव मंदिर, रात में बंद रहते दरवाजे, तो फिर कौन करता है पूजा

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Asirgarh Kila Shiv Mandir: मध्य प्रदेश के असीरगढ़ किले में एक महादेव मंदिर है. यह रात में बंद रहता है, लेकिन सुबह जब इसके दरवाजे खोले जाते हैं तो शिवलिंग पर ताजे फूल मिलते हैं. दरवाजे बंद रहते हैं तो फिर कौन करता है पूजा? यह आज भी एक अनसुलझी पहली है.

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असीरगढ़ शिव मंदिर का अनसुलझा रहस्य. (Photo: IANS)

Asirgarh Kila Shiv Mandir: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एक असीरगढ़ किला है, जो अपने रहस्यों के लिए मशहूर है. इस किले में एक प्राचीन शिव मंदिर है. कहते हैं कि इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से है. इसके बारे में चौंकाने वाली बात यह है कि जब रात में किले के दरवाजे बंद हो जाते हैं, तो सुबह में शिवलिंग की पूजा कौन कर जाता है? इसके संबंध में अश्वत्थामा को लेकर एक लोक मान्यता है.

आस्था और रहस्य का संगम असीरगढ़ मंदिर

असीरगढ़ का यह शिव मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि आस्था और रहस्य का संगम भी है. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं. खासकर महाशिवरात्रि के मौके पर तो यहां मेले जैसा माहौल होता है. दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं और भगवान शिव के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं.

अश्वत्थामा करते हैं शिवलिंग की पूजा!

स्थानीय लोगों की मानें तो इस मंदिर में आज भी महाभारत के पात्र अश्वत्थामा पूजा करने आते हैं. यहां के लोगों के बीच यह मान्यता काफी गहरी है. लोग बताते हैं कि किले के दरवाजे शाम को बंद कर दिए जाते हैं और सुबह करीब 11 बजे ही खोले जाते हैं. इस दौरान किसी भी इंसान का अंदर जाना लगभग नामुमकिन होता है.

शिवलिंग पर होते हैं ताजे फूल

लेकिन हैरानी की बात तब होती है जब सुबह मंदिर के दरवाजे खुलते हैं. कई बार देखा गया है कि शिवलिंग पर ताजे फूल चढ़े होते हैं. अब सवाल यह है कि जब कोई अंदर गया ही नहीं, तो ये पूजा किसने की? यही बात इस जगह को रहस्यमयी बना देती है.

बहुत लंबे और अलग दिखने वाले व्यक्ति का रहस्य

गांव के बुजुर्गों की कहानियां इस रहस्य को और गहरा कर देती हैं. कुछ लोग बताते हैं कि उन्होंने अपने बड़ों से सुना है कि अश्वत्थामा आज भी जीवित हैं और समय-समय पर इस मंदिर में पूजा करने आते हैं. कुछ का दावा तो यह भी है कि उन्होंने एक बहुत लंबे और अलग दिखने वाले व्यक्ति को इस इलाके में देखा है, जिसे लोग अश्वत्थामा मानते हैं.

अनसुलझी पहेली

हालांकि, इन दावों का कोई पुख्ता सबूत नहीं है, लेकिन लोगों की आस्था इन बातों को और मजबूत बनाती है. यही वजह है कि असीरगढ़ किले का यह शिव मंदिर आज भी लोगों के लिए एक अनसुलझी पहेली बना हुआ है. आस्था रखने वाले इसे चमत्कार मानते हैं, जबकि कुछ लोग इसे महज एक कहानी समझते हैं.

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कार्तिकेय तिवारी

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. डिजि…और पढ़ें

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