अनार के रस से करें भगवान शिव का रुद्राभिषेक, घर की सुख-शांति और समृद्धि में होगी बढ़ोतरी, बाबा महादेव का मिलेगा आशीर्वाद
अनार का रंग लाल होता है, जिसे हिन्दू धर्म में शक्ति और उत्साह का प्रतीक है. इस फल को समृद्धि का प्रतीक माना गया है.
Shivling Rudrabhishek by Pomegranate Juice : हिन्दू धर्म में देवों के देव महादेव यानी कि भगवान शिव की पूजा का अत्यधिक महत्व बताया गया है. ऐसा माना जाता है कि, वे बड़े ही दयालु हैं और अपने भक्तों पर जल्द ही अपनी कृपा बरसाते हैं. वे सत्य का प्रतीक हैं और जब भक्तों पर कोई कष्ट या परेशानी आती है तो दूर करते हैं. इसके लिए शिवलिंग की कई प्रकार से पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भी व्यक्ति भगवान शिव का अभिषेक करता है उसका जीवन सुखमय होता है. हालांकि, अभिषेक कई प्रकार के होते हैं और इनमें अनार के रस के किया गया अभिषेक का बड़ा महत्व बताया गया है. इसकी क्या विधि और कैसे किया जाता है और इसका महत्व है? आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से.
अनार के रस से अभिषेक का महत्व
अनार का रंग लाल होता है, जिसे हिन्दू धर्म में शक्ति और उत्साह का प्रतीक है. वहीं इस फल को समृद्धि का प्रतीक माना गया है. मान्यता के अनुसार, शिवलिंग पर अनार का रस चढ़ाने से जातक को भगवान शिव की असीम कृपा की प्राप्ति होती है. इस अभिषेक से आपके घर और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है और नकारात्मकता दूर होती है. इससे व्यक्ति का जीवन सुखमय होता है.
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अनार के रस रुद्राभिषेक के लिए जरूरी सामग्री
शिवलिंग पर अनार के रस रुद्राभिषेक के लिए आपको ताजा अनार का रस, बेलपत्र, धतूरा, भांग, चंदन, कुश, जल, रुद्राक्ष की माला और शुद्ध कपड़े की जरूरत होगी.
इस विधि से करें अनार से रुद्राभिषेक
शिवलिंग का अनार के रस से रुद्राभिषेक करने के लिए सबसे पहले एक साफ और पवित्र स्थान पर शिवलिंग को स्थापित करें.
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इसके बाद शिवलिंग को गंगाजल या शुद्ध जल से शुद्ध करें.
अब आप शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें साथ ही धतूरा, भांग और चंदन चढ़ाएं.
इसके बाद आप अनार का रस लें और इससे शिवलिंग पर धीरे-धीरे अभिषेक करें.
ध्यान रहे जब आप रुद्राभिषेक कर रहे हों तब आपको रुद्राक्ष की माला से रुद्राष्टक का जाप करना है.
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FIRST PUBLISHED : November 11, 2024, 12:30 IST


