शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या वाले शनिवार को पहन लें ये दो चीज, बुरे समय में भी होगा फायदा!
Agency:News18 Jharkhand
Last Updated:
Astro Tips: देवघर के आचार्य की मानें तो 12 राशियों में से जिन भी राशि के जातक शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से परेशान हैं, वे एक उपाय कर संकटों से बच सकते हैं. ये उपाय सभी प्रभावित जातकों को करना चाहिए.
शनि साढ़ेसाती और ढैय्या उपाय.
हाइलाइट्स
- शनि की साढ़ेसाती से बचने के लिए ये माला पहनें
- शनिवार को इस अंगूठी को पहनें, शनि की कुदृष्टि से बचेंगे
- इन दो उपायों से बुरे समय में नहीं घेरेगा संकट
देवघर: नवग्रह में शनि को न्याय का देवता कहा जाता है. क्योंकि, शनि जातक को कर्म के अनुसार फल देते हैं. ऐसे में कई बार शनि क्रूर हो जाते हैं. वहीं, धीमी गति से चलने के कारण इनका प्रभाव कठिन होता है. शनि ढाई साल में राशि परिवर्तन करते हैं. जब शनि राशि बदलते हैं तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है. वहीं, फिर राशि परिवर्तन से कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव भी शुरू व खत्म होता है. इससे बचने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं.
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18 को बताया कि जब किसी राशि के ऊपर शनि की कुदृष्टि पड़ती है या फिर शनि की चाल से किसी राशि के ऊपर शनि की ढैय्या या साढ़ेसाती का प्रभाव पड़ता है तो जातक के जीवन में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं. कोई भी कार्य समय पर पूर्ण नहीं होता है. चीड़चिड़ापन बढ़ जाता है. आर्थिक हानि होने लगती है. शनि की कुदृष्टि से बचने के लिए रुद्राक्ष और लोहे की अंगूठी धारण करनी चाहिए.
कौन से रुद्राक्ष धारण करें
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि जब व्यक्ति के जीवन में शनि की कुदृष्टि पड़ जाए या साढ़ेसाती व ढेय्या का प्रभाव शुरू हो जाए तो व्यक्ति को सात मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए. सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा कर उसके बाद रुद्राक्ष को शिवलिंग मे अभिषेक कर धारण कर ले. साथ ही शनिवार के दिन एक लोहे की अंगूठी अवश्य धारण कर लें. अगर ऐसा करते हैं तो शनि की कुदृष्टि से आपका नुकसान कम होगा.
Deoghar,Jharkhand
February 17, 2025, 08:15 IST
साढ़ेसाती और ढैय्या वाले शनिवार को पहन लें ये दो चीज, बुरे समय में भी होगा लाभ!
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.


