इस साल की अंतिम एकादशी कब है? जानें तारीख, मुहूर्त और पारण समय, हर काम में मिलेगी सफलता
इस साल की अंतिम एकादशी सफला एकादशी है. सफला एकादशी का व्रत हर साल पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. इसे पौष कृष्ण एकादशी भी कहते हैं. सफला एकादशी के नाम से ही आपको इसके महत्व का पता चल जाता है. जो भी व्यक्ति सफला एकादशी का व्रत रखता है और विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसको कार्य में सफलता प्राप्त होती है. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव बताते हैं कि इस साल सफला एकादशी के दिन सुकर्मा योग, स्वाती नक्षत्र और गुरुवार दिन का सुंदर संयोग बन रहा है. आइए जानते हैं कि सफला एकादशी कब है? सफला एकादशी का मुहूर्त और पारण समय क्या है?
सफला एकादशी 2024 तारीख
पंचांग के अनुसार, इस साल पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 25 दिसंबर बुधवार को रात 10 बजकर 29 मिनट से शुरू होगी. इस तिथि का समापन 26 दिसंबर को देर रात 12 बजकर 43 मिनट पर होगा. उदयातिथि के आधार पर इस साल की अंतिम एकादशी यानी सफला एकादशी 26 दिसंबर गुरुवार को होगी.
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3 शुभ संयोग में सफला एकादशी 2024
इस बार की सफला एकादशी पर 3 शुभ संयोग बन रहे हैं. सफला एकादशी के दिन गुरुवार है, जो भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है. ऐसे में एकादशी व्रत होने से उस दिन का महत्व और बढ़ जाता है.
इसके अलावा सफला एकादशी के दिन सुकर्मा योग प्रात: काल से लेकर रात 10 बजकर 42 मिनट तक रहेगा. उसके बाद से धृति योग बनेगा, जो अगले दिन पारण के समय भी होगा. व्रत के दिन स्वाति नक्षत्र प्रात:काल से लेकर शाम 6 बजकर 9 मिनट तक है, उसके बाद विशाखा नक्षत्र है.
सफला एकादशी 2024 मुहूर्त
26 दिसंबर को सफला एकादशी वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त 05:23 ए एम से 06:17 ए एम तक है. उस दिन का शुभ मुहूर्त यानी अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से दोपहर 12 बजकर 43 मिनट तक है.
सफला एकादशी व्रत की पूजा आप सुकर्मा योग में करें. उस दिन शुभ-उत्तम सुबह 07 बजकर 12 मिनट से सुबह 08 बजकर 30 मिनट तक है. उस दिन सूर्योदय सुबह 07 बजकर 12 मिनट पर होगा.
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सफला एकादशी 2024 पारण समय
सफला एकादशी व्रत का पारण 27 दिसंबर शुक्रवार को सुबह 7 बजकर 12 मिनट से 9 बजकर 16 मिनट के बीच कर सकते हैं. द्वादशी तिथि का समापन 28 दिसंबर को तड़के 2 बजकर 26 मिनट पर होगा.
सफला एकादशी व्रत का महत्व
इस दिन व्रत रखकर विष्णु पूजा करने से पाप मिटते हैं और कष्टों से मुक्ति मिलती है. विष्णु कृपा से व्यक्ति को पुण्य प्राप्त होता है और कार्य में सफलता मिलती है. मृत्यु के बाद व्यक्ति को स्वर्ग की प्राप्ति होती है.
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FIRST PUBLISHED : December 17, 2024, 08:17 IST


